Mandir Ki Seedhi Chadh Chadh Mangu | Khatu Shyam Bhajan | Hare Ka Sahara Shyam Baba | Latest Shyam Bhakti Song
About This Song
Mandir Ki Seedhi Chadh Chadh Mangu" एक ऊर्जावान और श्रद्धा से भरपूर खाटू श्याम भजन है, जो बाबा श्याम के प्रति भक्तों की अटूट आस्था, विश्वास और प्रेम को दर्शाता है।
इस भजन में एक भक्त बाबा श्याम के दरबार में पहुंचकर अपनी अरदास करता है और उन्हें "हारे का सहारा" मानकर जीवन की हर परेशानी उनके चरणों में समर्पित करता है। भजन में खाटू धाम की भक्ति, जयकारों की गूंज, मोरछड़ी की महिमा और श्याम नाम की शक्ति का सुंदर वर्णन किया गया है।
🎶 Song: Mandir Ki Seedhi Chadh Chadh Mangu
🙏 Album: Khatu Shyam Bhajan
🎤 Genre: Devotional / Bhakti Song
🕉️ Deity: Khatu Shyam Ji
💖 Theme: Faith, Devotion, Blessings & Spiritual Energy
यह भजन जागरण, कीर्तन, भजन संध्या और धार्मिक आयोजनों के लिए विशेष रूप से उपयुक्त है।
जय श्री श्याम 🙏
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Credits
Song Codes
Lyrics
मंदिर की सीढ़ी चढ़-चढ़ मांगू, श्याम से अपनी अरदास,
हारे का सहारा तू ही बाबा, तू ही मेरा विश्वास।
मंदिर की सीढ़ी चढ़-चढ़ मांगू, श्याम से अपनी अरदास,
जय हो बाबा श्याम की, गूंजे खाटू धाम की आवाज़॥
[अंतरा 1 (Energy Build):]
नीले घोड़े वाला बाबा, सबसे अलग है तेरा नाम,
एक झलक पा लेने को, उमड़ पड़े हैं सारे धाम।
ढोलक बाजे, ताली बाजे, नाचे भक्त समाज,
श्याम नाम की मस्ती छाई, मिट जाए हर एक लाज॥
[[मुखड़ा repet]
मंदिर की सीढ़ी चढ़-चढ़ मांगू, श्याम से अपनी अरदास,
हारे का सहारा तू ही बाबा, तू ही मेरा विश्वास।
मंदिर की सीढ़ी चढ़-चढ़ मांगू, श्याम से अपनी अरदास,
जय हो बाबा श्याम की, गूंजे खाटू धाम की आवाज़॥
[अंतरा 2 (Fast & Powerful):]
मोरछड़ी की छाया पाकर, कट जाए हर एक रोग,
श्याम नाम का जादू देखो, बदल दे जीवन का ढोग।
जो भी आया दर पे तेरे, खाली कभी न जाए,
बोलो जय श्री श्याम बाबा, हर दुख दूर भगाए॥
[मुखड़ा repet]
मंदिर की सीढ़ी चढ़-चढ़ मांगू, श्याम से अपनी अरदास,
हारे का सहारा तू ही बाबा, तू ही मेरा विश्वास।
मंदिर की सीढ़ी चढ़-चढ़ मांगू, श्याम से अपनी अरदास,
जय हो बाबा श्याम की, गूंजे खाटू धाम की आवाज़॥
[ब्रिज (Call & Response – Jagran Style):]
बोलो श्याम…! — श्याम…!
खाटू वाले…! — श्याम…!
हारे का सहारा…! — श्याम बाबा…!
[अंतरा 3 (Peak Energy):]
रंग गुलाल उड़े खाटू में, भक्ति का त्योहार,
श्याम दीवाने झूम रहे हैं, भूल गए संसार।
हाथों में निशान उठाकर, बोले जय जयकार,
श्याम कृपा से भर जाए, जीवन का भंडार॥
[मुखड़ा repet]
मंदिर की सीढ़ी चढ़-चढ़ मांगू, श्याम से अपनी अरदास,
हारे का सहारा तू ही बाबा, तू ही मेरा विश्वास।
मंदिर की सीढ़ी चढ़-चढ़ मांगू, श्याम से अपनी अरदास,
जय हो बाबा श्याम की, गूंजे खाटू धाम की आवाज़॥
[फाइनल मुखड़ा (High Repeat):]
मंदिर की सीढ़ी चढ़-चढ़ मांगू, श्याम से अपनी अरदास,
हारे का सहारा तू ही बाबा, तू ही मेरा विश्वास।
मंदिर की सीढ़ी चढ़-चढ़ मांगू, श्याम से अपनी अरदास,
जय हो बाबा श्याम की, गूंजे खाटू धाम की आवाज़॥
[मुखड़ा repet]
मंदिर की सीढ़ी चढ़-चढ़ मांगू, श्याम से अपनी अरदास,
हारे का सहारा तू ही बाबा, तू ही मेरा विश्वास।
मंदिर की सीढ़ी चढ़-चढ़ मांगू, श्याम से अपनी अरदास,
जय हो बाबा श्याम की, गूंजे खाटू धाम की आवाज़॥